टमाटर भी सौ और पेट्रोल भी सौ के करीब यानी टमाटर भी इन दिनें पेट्रोल की सोहबत में रहा. एक टमाटर से हुए इंटरव्यू के महत्वपूर्ण अंश पढ़ें.
सवाल - आप कैसा फील कर रहे हैं ?
टमाटर - बहुत प्राउड फील हो रहा है मतलब एकदम इजतआफजाई टाइप हो गयी है पेट्रोल के लेवल पर जाकर. हमें पेट्रोल वाले क्लब में एंट्री मिली है, यह बात हमारे के लिए बहुत इज्जतवाली हुई है. हम पेट्रोल वाले टमाटर हो गये, फील गुड हो रहा है.
सवाल - आप सौ तक पहुंच गये, पर पब्लिक तो परेशान है?
टमाटर- ऊंचाई पर पहुंचनेवाले को पब्लिक की चिंता नहीं करनी चाहिए, हमारे जिले के एक विधायक ने सरकारी पार्कों पर कब्जा कर उसमें दुकानें बना कर कियवे पर दे दिया है. पब्लिक परेशान होती है, पर विधायक पब्लिक की चिंता करेगा, तो उसकी आमदनी ठप हो जायेगी. ऊंचाई पर बने रहने के लिए आमदनी की जरूरत होती है, सो ऊंचाई वाले को पब्लिक की चिंता नहीं करनी चाहिए, हम भी ऊंचे वाले हैं, हम पब्लिक की चिंता क्यों करें, हम पेट्रोल क्लब में हैं अब.
सवाल- मगर पब्लिक का स्टेटस तो गिराने का काम कर रहे हैं आप. महंगाई आसमान छू रही है.
टमाटर- हर उस आइटम से समाज के चुनिंदा लोगें का स्टेटस बढ़ जाता है, पब्लिक का स्टेटस गिर सा जाता है. आप देख रहे हैं न तरह-तरह के निजी नसिंग होम, अस्पताल वगैरह. झके मालिकों के स्टेटस बढ़ते जाते हैं, पर पब्लिक को इलाज करने में अपने गहने-कपड़े तक बेचने पड़ जाते हैं. किसी का स्टेटस गिरता है, तो किसी का बढ़ता भी है. आप पॉजिटिव थिंकिग करें. जिन लोगें ने टमाटर की जमाखोरी की, उनका स्टेटस बढ़ गया. बी पॉजिटिव.
सवाल- मगर ऐसे लोग ते कम ही हैं, जिनका स्टेटस बढ़ा है. किसान का भी स्टेटस कहां बढ़ा है ?
टमाटर- सबका स्टेटस बढ़ नहीं सकता, किसान को स्टेटस बढ़ना तो बहुतै मुश्किल है. किसान का स्टेटस बढ़ेगा, तो उनका क्या होगा, जो किसान के नाम पर अपना स्टेटस बढ़ा रहे हैं? स्टेटस कुछ का ही बढ़ता है, तब ही तो वह स्टेटस है. सबका बढ़ेगा, तो कौन फिक्र करेगा! टमाटर के पेट्रोल वाला स्टेटस होने से बहुतों की मौज आयेगी. नेता, बिचौलिये, सब मौज में रहेंगे. किसी को मुद्दा मिलेगा टमाटर, किसी की मौज यह है कि सिर्फ टमाटर पर ही बात होगी, बाकी बवालों पर किसी का ध्यान ही ना जायेगा. मुद्दा ते डेंगू को भी बनना चाहिए, पर सिर्फ टमाटर की बात होगी.
सवाल- दिल्ली में तो टमाटर सौ रुपये किलो से ऊपर बिका.
टमाटर- दिल्ली वालों की आफत तो कभी खत्म ना होती. वहां टमाटर साऊथ से, लू-लपट राजस्थान से, पराली धुआं हरियाणा पंजाब से, सर्दी शिमला से और नेता पूरे देश से आते हैं. दिल्ली में लोकल सिर्फ यमुना का गंदा पानी है. इससे यह भी पता लगता है कि दिल्ली की आफत का कारण सिर्फ यमुना का गंदा पानी है. दिल्ली को तमाम मामलों में आत्मनिर्भर होना होगा, तब ही उसके कष्टों का अंत होगा.

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