कुछ लोग इस कदर हर्षित और गर्वित होकर बधाई ले दे रहे हैं, मानो वो ही 2022 को खींचकर लाये हों. साल 2022 आने के साथ यह खबर भी आ गयी कि कोरोना का ओमिक्रोन संस्करण तेजी से फैल रहा है. कई राज्यों में लाकडाउन की तैयारियां शुरू हो गयी हैं. अस्पताल वाले, दवा कंपनी ऐसे दिख रहे हैं, जैसे मैरिज हाल वाले शादियों के सीजन में दिखते हैं. हाल 2020 जैसा लग रहा है, यूं शुभकामना है कि वैसा हो नहीं मुझे वह हिट गीत है याद आ रहा है बचना ऐ हसीनों लो मैं आ गया. इसे थोड़ा बदल दिया जाये, बचना एइंडियनों मैं फिर आ गया. कोरोना फिर आ गया है. पर नेता रैलियों से जाने का नाम नहीं ले रहे हैं.
चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश में राजनीतिक दलों से बात कर बताया कि सभी दल समय पर चुनाव चाहते हैं. जनता कोरोना में हो तो भी चुनाव होने ही चाहिए. नेता जान की चिंता तब करते हैं, जब वो उनकी अपनी हो, जान पर खेल कर जनता वोट देगी कोरोना में नेता वोट लेंगे, जान देने का काम जनता का है. यूपी में तो चुनाव से बहुत पहले चुनाव शुरु हो गये हैं. टीवी चैनलों का बस चले तो रोज ही चुनाव करवा दें. पीएम मोदी और अमित शाह के बहुत से दौरे यूपी में चुनाव की घोषणा से पहले ही हो लिये हैं, यूपी एक ऐसे चुनावी बाजार के तौर पर लग रहा है, जहां पर कुछ कारोबारी तो बहुत पहले ही अपना टीम-टामड़ा लेकर ग्राहक तलाशने पहुंच गये हैं और कुछ कारोबारियों के कहीं अते पते भी नहीं हैं कि वो हैं कहां.
बढ़िया टिकाऊ माल ऐसे नारे एक तरफ के दुकानदार जाने कब से लगा रहे हैं, दूसरी तरफ के दुकानदारों के दर्शन तो फोटू में भी न हो रहे हैं. महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे दिखायी नहीं पड़ते, शरद पवार बहुत दिखायी पड़ते हैं, पर वे मुख्यमंत्री नहीं हैं. शरद पवार 2021 में उद्धव ठाकरे के साथ थे, 2022 में वे किसके साथ होंगे, यह उनको भी ना पता. उत्तर प्रदेश में इत्र उड़ रहा है. इत्र वाले इतना कमा सकते हैं, यह देखकर बिल गेट्स को लग सकता है कि वे विडोज इत्र बनाना शुरु कर दें. बस छोटी सी आफत यह है कि बिल गेट्स की आदत यह है कि वह हर छह महीने में अपने विंडोज इत्र का अपडेट निकाल देंगे, जिसे लेना कंपलसरी होगा, वरना इत्र का पुराना संस्करण काम ना करेगा.
कुल मिलाकर 2022 से उम्मीदें करें उम्मीद करने में कुछ ना जाता. पर उम्मीद करके कुछ होता भी नहीं कितनी उम्मीदें की थीं 2021 से और मिला क्या, कोरोना का डेल्टा संस्करण, अब डेल्टा के आगे का संस्करण ओमिक्रोन है. खबरें हैं कि ओमिक्रोन और डेल्टा ने मिल-जुल कर संयुक्त मोरचा बनाया है, जिसका नाम है डेम्लीकोन, इतनी शुभकामना तो की ही जानी चाहिए कि कोरोना वायरस की वंशवृद्धि ना हो. यह मुगल वंश जैसा लंबा ना चले, सिर्फ बहादुरशाह जफर टाइप ही हो जाये कमजोर, बेअसर टाइप.

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