लोग-बाग छोटे-छोटे झुंड बनाकर 'फेयरवेल पार्टी 2021 एंज्वाय कर रहे थे. बात-बात पर ठहाके लग रहे थे. एकदम तरोताजा नजर आ रही 'मिस महंगाई' की तरफ 'मिस्टर टमाटर' कोई जोक फेंकते तो 'मिस दाल' के साथ-साथ 'मिस डीजल' भी पेट पकड़ कर हंसने लगती. दो गज की दूरी पर खड़े 'मिस्टर आलू' और 'मिस्टर प्याज' भी जबरदस्ती मुस्कुराहट बिखेरने का असफल प्रयास कर रहे थे.
दरअसल, हर साल की तरह इस बार भी 'मिस्टर टमाटर' के बढ़ते कद ने उन्हें परेशान कर रखा था. यही वजह थी कि आलू-प्याज की यह जोड़ी पार्टी में सिर्फ मुंह दिखाई के लिए ही आयी थी. मिस डीजल' को अकेले देखकर थोड़ी हैरान नजर आ रही मुंहफट महंगाई ने टोका- क्यों मिस ! आज अकेली कैसे? तुम्हारे पक्के जोड़ीदार 'मिस्टर पेट्रोल' कहीं दिखायी नहीं दे रहे. कहीं ओमिक्रोन पॉजिटिव होकर क्वारंटीन तो नहीं हो गये? 'मिस डीजल' ने मुंह-सा बनाकर जवाब दिया 'पॉजिटिव होने जैसी तो कोई बात नहीं, लेकिन जिसे निगेटिव सोचने की आदत पड़ जाये, उसका भगवान ही मालिक है.'
'लेकिन हुआ क्या, यह तो बताओ' 'मिस महंगाई' के कुरेदने पर 'मिस डीजल' थोड़ा तल्ख लहजे में बोली- देखिए मैम! आप तो जानती ही हैं कि किसी भी चीज की लत बहुत बुरी होती है. दरअसल, बरसों से पेट्रोल को मुझसे चंद कदम आगे चलने की आदत थी, लेकिन हुआ यह कि श्रीमान 20-21 के कार्यकाल में न जाने कैसे मेरे कदमों में थोड़ी सी तेजी आ गयी
और मैं अनायास ही पेट्रोल से दो-चार पायदान ऊपर चढ़ गयी. बस इतनी सी बात थी, दिल पे ले गया. अब आप ही बताइये भला ये भी कोई वजह हुई नाराजगी की जिंदगी में उतार-चढ़ाव तो आते ही रहते हैं.
इन सबसे दूर, एक अंधेरे-से कोने में पीपीई किट पहने हुए 'डॉ भ्रष्टाचार', 'मिस सांप्रदायिकता' और 'मिस्टर आतंकवाद' ने अपनी अलग ही तिकड़ी जमा रखी थी, बड़ी मुश्किल से पहचान में आ रही यह त्रिमूर्ति दरअसल श्रीमान 20-21 से मन ही मन नाराज चल रही थी. हाल के बरसों में अपनी रीढ़ की हड्डी में लगी गुम चोटों के चलते 'मिस्टर आतंकवाद' ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे. उनकी शक्लो-सूरत कुपोषण का शिकार हुए किसी सोमालियाई बच्चे जैसी हो गयी थी. तमाम मेकअप के बावजूद जहां 'मिस सांप्रदायिकता' के चेहरे पर पड़ी झुर्रियां साफ नजर आ रही थीं, वहीं खान-पान संबंधी आदतों में सुधार के चलते 'डॉ भ्रष्टाचार' दुबले-पतले नजर आ रहे थे. ये तीनों महानुभाव 'बेहतर कल की उम्मीदों में श्रीमान 20-22 को डराने, धमकाने, पटाने आदि-इत्यादि की योजनाएं बनाने में अभी से मशगूल थे.
विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे 'मिस्टर लोकतंत्र और 'मिस्टर संविधान' ने एक-दूसरे को 'सकुशल' देखकर आश्चर्य मिश्रित सुख' की लंबी गहरी सांस ली, दो गज की दूरी से ही एक-दूसरे का अभिवादन किया और विदाई की शुभकामनाएं देने श्रीमान 20-21 की ओर चल पड़े.

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