तालिबान के शिक्षा मंत्री के हालिया
बयान का आशय यह था कि किसी भी
किस्म की उच्च शिक्षा जरूरी नहीं है,
क्योंकि देख लें, अफगानिस्तान में
सरकार उन लोगों के हाथ में है,
जिनके पास कोई शिक्षा नहीं है. बस
पावर होनी चाहिए, पावर से सारे हल निकल आते हैं. उनके
महत्वपूर्ण साक्षात्कार के कुछ अंश प्रस्तुत हैं. सवाल- शिक्षा के
बगैर आपके यहां भविष्य की नस्लें कैसे तैयार होंगी? तालिबान
शिक्षा मंत्री उर्फ ताशिमं- जैसे हम तैयार हुए. पढ़ता लिखता, तो
क्या बन पाता? नस्लें तैयार होती हैं बंदूक से. चला कर दिखाऊं
क्या? सवाल-पर किसी घायल की जान बचाने के लिए अगर
ऑपरेशन करना है, तो बंदूक से कैसे होगा? कोई पढ़ा-लिखा
होगा, तो ही आपरेशन कर पायेगा ना? ताशिमं-बंदूक से जो
ऑपरेशन ना हो सकता, उसे हम ऑपरेशन नहीं मानता.असली
आपरेशन बंदूक करती है.
सवाल- अर्थव्यवस्था चलानी है, उद्योग चलाने हैं, इनके
लिए जरुरी है कि बंदा पढ़ा-लिखा हो. ताशिमं-अभी आपने
हमारे अफगान सेंट्रल बैंक के गवर्नर का फोटो देखा कि नहीं.
वह बड़ा-सा राइफल लेकर बैठा है, वह निबटा देगा सारा
प्रॉबलम. जैसे कोई बंदा लोन मांगने आयेगा बैंक में, तो हमारा
गवर्नर के स्टाइल में उसको पकड़ो. राइफल लगा कर उसका
कपड़ा लत्ता रखवा लो. उसकी जेब खाली करालो. जो पैसा
| मिले, उसे बैंक में जमा करा लो. बैंक ऐसे मजबूत हो जायेगा.
सवाल- सबसे पैसा रखवा लोगे, तो फिर ये स्कूटर, ब्रेड, चाय,
चीनी कौन बनायेगा? ताशिमं- क्या
जरुरत बनाने का, हमको सीधा जंगल
में जाकर हिरन पकड़ने का,खरगोश
पकड़ने का, शहर में बकरी पकड़ने
का, पकड़ कर काटकर खाने का
सीधा. इसके लिए तलवार चाहिए
बस. सवाल- आप वहशी टाइप की बातें कर रहे हैं. ताशिमंइसी से तो पावर मिला है, हमको और वहशी होने के लिए शिक्षा
का क्या जरुरत है? पढ़ता लिखता तो डरपोक हो जाता.वो सब
सिखाया जाता है किताबों में कि दया करनी चाहिए, सबसे तमीज
से बात करनी चाहिए. सिर्फ बंदूक कोबात करनीचाहिए, चला
कर दिखाऊं क्या?
सवाल-ओफ्फो, आप शिक्षा मंत्री होकर क्या बातें कर रहे
हैं? आपके पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में देखें, थोड़ीही सही, पर
महिलाएं पत्रकार हैं. पढ़ी लिखी हैं. ताशिमं- कुछ टाइम दीजिए
हमको, पाकिस्तान को भी हम अपने जैसा तालिबान बना देगा.
ताकत ही सब कुछ होती है. ये बंदूक ही असली शिक्षा है, चला
कर दिखाऊं क्या? सवाल- आपको सिर्फ यही चलाना है, तो
आपके बच्चों के लिए दूध-दवाएं कहां से आयेंगी? कौन लायेगा,
कौन बनायेगा? ताशिमं- जो बच्चा मजबूत होगा, पावरफुल
होगा, बच जायेगा. जो मर गया, मर गया. पावरफुल बच्चा बड़ा
होकर तालिबान बनेगा, हमारी तरह मिनिस्टर बनेगा, समझे क्या !
सवाल- आपको न स्त्रियों की चिंता, न बच्चों की. ताशिमंहमको सिर्फ बंदूक की चिंता है, क्योंकि यही हमारी चिंता करती
है. हमको बचाती है. आपको चला कर दिखाऊं क्या?

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