विश्व नारियल दिवस 2021 Hindi || world Coconut Day 2021|| हिंदी


नारियल तेल उत्पादन में भारत अग्रणी




आज विश्व नारियल दिवस है. मनाने की शुरुआत एशिया प्रशांत नारियल समुदाय द्वारा की गयी थी. इसका उद्देश्य लोगों को नारियल के महत्व को बताना और नारियल उद्योग के विकास को बढ़ावा देना है. साथ ही, निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए लोगों को बताना कि नारियल कैसे गरीबी से लड़ने का एक माध्यम हो सकता है. नारियल का महत्व केवल पूजा-पाठ में ही नहीं है, यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है. केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में देश के 90 फीसदी नारियल की खेती होती है. कुछ दशकों से गुजरात और राजस्थान में भी इसकी काफी बड़ी मंडियां बन चुकी हैं. कई बड़े शहरों में लाखों की संख्या में नारियल की खपत होती है. इसके रेशे से गद्दे, थैले आदि दैनिक उपयोग की वस्तुएं तैयार होती हैं, इनके निर्यात से भारत को प्रतिवर्ष लगभग 470 करोड़ रुपये की आमदनी होती है. इसका वैज्ञानिक नाम 'कोको न्यूसीफेरा' है और यह पाम परिवार से संबंध रखता है. नारियल उत्पादन करने वाले देशों में भारत के अलावा इंडोनेशिया, ब्राजील, श्रीलंका और फिलीपींस शामिल हैं. फिजी, पापुआ न्यू गिनी, केन्या, थाईलैंड, मार्शल द्वीपसमूह में भी यह भारी मात्रा में पैदा होता है. यह कई बीमारियों के इलाज में सहायक माना जाता है. नारियल पानी पीने से डायरिया, डेंगू, चिकनगुनिया जैसी बीमारियों में राहत मिलती है. इसका सेवन प्लेटलेट्स बढ़ाने में भी सहायक होता है. उच्च रक्तचाप व हदय रोग में भी नारियल पानी लाभ देता है. इसका तेल सेहत और बालों के लिए फायदेमंद है. नारियल तेल में नींबू का रस और ग्लिसरीन मिलाकर लगाने से स्किन की परेशानी दूर होती है. इसमें विटामिन, पोटेशियम, फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम, विटामिन और खनिज तत्व भरपूर मात्रा में पाये जाते हैं. इसी के चलते यह सेहत के लिए अच्छा माना जाता है. नारियल में वसा और कोलेस्ट्रॉल नहीं होता. अपनी इसी खूबी के चलते यह मोटापे को कम करने में सहायक होता है. रोज एक नारियल का पानी हमारे शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है और जरूरी ग्लूकोज की आपूर्ति करता है. सामान्यतः एक नारियल में लगभग 200 से 250 मिलीलीटर पानी होता है, पिछले कुछ वर्षों में भारत में नारियल की खेती में अभूतपूर्व वृद्धि देखने को मिली है. वर्ष 2017 तक हम नारियल का तेल आयात करते थे. वर्ष 2018 से विश्व के नारियल उत्पादन में भारत एक अग्रणी राष्ट्र बन गया है. नारियल तेल और इसके विभिन्न उत्पादों का निर्यात कर 2017-18 के दौरान देश को 1602 करोड़ रुपये से ज्यादा की आय हुई थी. वर्ष 2018 से देश के विभिन्न राज्यों में 13,177 हेक्टेयर क्षेत्र में नारियल की खेती हो रही है. नारियल के विकास के लिए कृषि मंत्रालय ने नारियल विकास बोर्ड का गठन भी किया है. इसका लक्ष्य नारियल किसानों को नारियल के उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन और नारियल एवं मूल्यवर्धित उत्पादों के निर्यात में सहायता देकर भारत को इसके उत्पादन, प्रसंस्करण एवं निर्यात में अग्रणी बनाना है ।


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